Description
प्रकाशकीयहिंदी साहित्य अकादमी, गुजरात हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है इसी के साथ अनुवाद के माध्यम से गुजराती के उत्तम साहित्य को हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रकाशित किया जाता है। मुझे खुशी है कि डो. भारती राणे का दूसरे प्रवास वर्णन का हिंदी अनुवाद ‘प्रतिबिंब पदचिह्नों के’ अकादमी से प्रकाशित हो रहा है।गुजराती का प्रवास साहित्य उत्कृष्ट है। स्वामी आनंद, काका साहब कालेलकर, भोलाभाई पटेल, प्रीतिसेन गुप्ता जैसे साक्षरों ने नई भूमियों के अदृश्य स्थल और उनकी विशेषताओं से हमें परिचित कराया है।डो. भारती राणे का यह प्रवास वर्णन मुख्य रूप से यूरोप प्रवास है। इसका सुन्दर अनुवाद श्री जेठमल ह. मारू ने किया है। मुझे प्रसन्नता है कि अनुवाद मुख्यतः मूल रचना जैसा आस्वाद कराता है। इसके माध्यम से डो. भारती राणे की अद्भुत निरीक्षण क्षमता, चित्रात्मकता एवं इतिहास दृष्टि के साथ संवेदना का सुयोग जिज्ञासा जगाने में समर्थ है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हिन्दी साहित्य जगत में इसका स्वागत होगा ।




